बेहतर प्रदर्शन हेतु तनाव मुक्त होना ज़रूरी

आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग हैं इस वजह से विद्यार्थियों पर दबाव इतना ज्यादा बढ़ गया है कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि परीक्षा में कम नंबर आने या असफल होने के बाद में क्या करें | ऐसे में जब उनके अभिभावक उन्हें डांटते हैं या फिर उनके रिश्तेदार और दोस्त उन्हें ताना मारते हैं तो इससे उनके दिमाग पर बुरा असर पड़ता है और धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले जाते हैं | तनाव इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि उस पर नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता हैं | ऐसे में उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की मदद की जरूरत पड़ती है जो उनकी भावनाओं को समझ कर उनका उचित मार्गदर्शन कर सके | अत: शिक्षा बोर्ड को काउंसलिंग मुहैया करवानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को तनाव से मुक्ति पाने में मदद मिल पाए तथा बेहतर प्रदर्शन कर पाने में विधार्थी सक्षम हो सके |
मुकेश कुमावत बोराज, जयपुर

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